माइक्रोसॉफ्ट एज यूजर्स के लिए सरकार ने जारी किया अलर्ट, हैकर्स चुरा सकते हैं डेटा

कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम ने माइक्रोसॉफ्ट एज यूजर्स के लिए सख्त चेतावनी जारी की है। सरकार के अधीन काम करने वाली संस्था ने ऐसे यूजर्स को चेताया है जो माइक्रोसॉफ्ट एज का 126.0.2592.81 वर्जन या उससे पहले के वर्जन इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे यूजर्स को अपनी सिक्योरिटी को ध्यान में रखते हुए कुछ खास बातों का ख्याल रखना चाहिए। इस दौरान की गई एक छोटी सी गलती भी आपके पर्सनल डेटा को हैक करवा सकती है। इन यूजर्स के लिए सख्त चेतावनीबता दें कि, CERT के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट एज का 126.0.2592.81 वर्जन या उससे पहले के वर्जन पूरी तरह से सेफ नहीं है। इनमें कुछ सुरक्षा खामियां पाईं गई हैं जो यूजर्स की सिक्योरिटी को खतरे में डाल सकती हैं। इसमें कुछ क्रोमियम बेस्ड कमियां संस्था ने खोजी हैं। संस्था ने कहा कि इन सुरक्षा खामियों का फायदा उठाकर हैकर्स यूजर्स के पर्सनल सिस्टम पर अटैक कर सकते हैं और निजी जानकारी को चुरा सकते हैं। ये परेशानी उन यूजर्स के लिए नहीं है जो माइक्रोसॉफ्ट एज का लेटेस्ट वर्जन इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन उन यूजर्स को सतर्क हो जाने की जरूरत है जो बहुत ज्यादा पुराने वर्जन इस्तेमाल कर रहे हैं।यूजर्स को क्या करना चाहिए?इन खामियों से खुद के सिस्टम के सेफ रखने के लिए यूजर्स को कुछ चीजों का बहुत ध्यान रखना चाहिए। सबसे पहले सुनिश्चित करें कि वह ब्राउजर का लेटेस्ट वर्जन इस्तेमाल कर रहे हों। कहीं से भी आने वाली लिंक पर भूलकर भी क्लिक न करें। ऐसा करना रिस्की साबित हो सकता है। कंपनी के लेटेस्ट अपडेट के बारे में जानकारी रखें। अगर कोई नया अपडेट मिलता है तो उसे सही अपडेट के बारे में जानकारी रखें। अगर कोई नया अपडेट मिलता है तो उसे सही जगह से ही इंस्टॉल करें। 

Jul 7, 2024 - 23:56
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कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम ने माइक्रोसॉफ्ट एज यूजर्स के लिए सख्त चेतावनी जारी की है। सरकार के अधीन काम करने वाली संस्था ने ऐसे यूजर्स को चेताया है जो माइक्रोसॉफ्ट एज का 126.0.2592.81 वर्जन या उससे पहले के वर्जन इस्तेमाल कर रहे हैं। 

ऐसे यूजर्स को अपनी सिक्योरिटी को ध्यान में रखते हुए कुछ खास बातों का ख्याल रखना चाहिए। इस दौरान की गई एक छोटी सी गलती भी आपके पर्सनल डेटा को हैक करवा सकती है। 

इन यूजर्स के लिए सख्त चेतावनी
बता दें कि, CERT के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट एज का 126.0.2592.81 वर्जन या उससे पहले के वर्जन पूरी तरह से सेफ नहीं है। इनमें कुछ सुरक्षा खामियां पाईं गई हैं जो यूजर्स की सिक्योरिटी को खतरे में डाल सकती हैं। इसमें कुछ क्रोमियम बेस्ड कमियां संस्था ने खोजी हैं। संस्था ने कहा कि इन सुरक्षा खामियों का फायदा उठाकर हैकर्स यूजर्स के पर्सनल सिस्टम पर अटैक कर सकते हैं और निजी जानकारी को चुरा सकते हैं। 

ये परेशानी उन यूजर्स के लिए नहीं है जो माइक्रोसॉफ्ट एज का लेटेस्ट वर्जन इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन उन यूजर्स को सतर्क हो जाने की जरूरत है जो बहुत ज्यादा पुराने वर्जन इस्तेमाल कर रहे हैं।

यूजर्स को क्या करना चाहिए?
इन खामियों से खुद के सिस्टम के सेफ रखने के लिए यूजर्स को कुछ चीजों का बहुत ध्यान रखना चाहिए। सबसे पहले सुनिश्चित करें कि वह ब्राउजर का लेटेस्ट वर्जन इस्तेमाल कर रहे हों। कहीं से भी आने वाली लिंक पर भूलकर भी क्लिक न करें। ऐसा करना रिस्की साबित हो सकता है। कंपनी के लेटेस्ट अपडेट के बारे में जानकारी रखें। अगर कोई नया अपडेट मिलता है तो उसे सही अपडेट के बारे में जानकारी रखें। अगर कोई नया अपडेट मिलता है तो उसे सही जगह से ही इंस्टॉल करें।