PV Sindhu Birthday: विश्व चैंपियनशिप जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी हैं पीवी सिंधु, ऐसे की करियर की शुरूआत

आज यानी की 05 जुलाई को भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु अपना 29वां जन्मदिन मना रही है। वह भारत की प्रमुख बैडमिंटन खिलाड़ियों में से एक हैं। बता दें कि पीवी सिंधु ने साल 2011 में खेल में अपना डेब्यू किया था। जिसके बाद वह अपनी प्रतिभा के दम पर खुद को लोहा मनवाती चली गईं। आज के समय में वह भारत की प्रमुख स्पोर्ट्स महिलाओं की लिस्ट में शामिल हो गई हैं। उन्होंने लगभग हर बड़े कॉम्पटीशन में भारत के लिए मेडल जीता है और देश का नाम रोशन किया। आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर पीवी सिंधु के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...जन्म और शिक्षातेलंगाना के हैदराबाद में 05 जुलाई 1995 को पीवी सिंधु का जन्म हुआ था। वह एक खेल प्रेमी परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता का नाम पी.वी रमन्ना और मां का नाम पी, विजया है। पीवी सिंधु के माता-पिता दोनों ही वॉलीबॉल के खिलाड़ी रह चुके हैं। उनके पिता पी.वी रमन्ना को अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। अर्जुन पुरस्कार खेल में उत्कृष्टता के लिए दिया जाने वाला एक प्रमुख पुरस्कार है। ऐसे में पीवी सिंधु को अपने माता-पिता दोनों से ही खेल के लिए समर्थन मिला। पीवी सिंधु ने हैदराबाद के ऑक्सिलियम हाई स्कूल से अपनी शुरूआती शिक्षा पूरी की। फिर उन्होंने सेंट एन कॉलेज फॉर विमेन से आगे की पढ़ाई पूरी की। शुरूआत से ही खेल में दिलचस्पी और समर्पण होने के कारण उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ बैडमिंटन को प्राथमिकता दी।करियर की शुरुआतबता दें कि पीवी सिंधु ने बेहद कम उम्र से बैडमिंटन खेलना शुरूकर दिया था। वह महज 8 साल की उम्र से ही इस खेल को गंभीरता से लेने लगी थीं। खेल में करियर बनाने के लिए उन्होंने पुलेला गोपीचंद बैडमिंटन अकादमी में ट्रेनिंग लेना शुरूकर दिया था। उन्होंने गोपीचंद की देखरेख में अपनी खेल क्षमताओं को निखारने का काम किया और जल्द ही अपनी प्रतिभा का भी परिचय दिया। अपने नाम किए कई पदकवैसे तो पीवी सिंधु ने कई बड़ी-बड़ी प्रतियोगिताओं में जीत हासिल की है। लेकिन साल 2016 का रियो ओलंपिक और साल 2020 का टोक्यो ओलंपिक उनके लिए सबसे खास रहा। साल 2016 में हुए रियो ओलंपिक में उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। वहीं 2020 के टोक्यो ओलंपिक में सिंधु ने कांस्य पदक जीता था। बता दें कि पीवी सिंधु दो ओलंपिक मेडल जीतने वाली पहली महिला भारतीय थीं।इसके अलावा साल 2019 में बेसल में हुए वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में पीवी सिंधु ने गोल्ड मेडल जीता था। वह वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप जीतने वाली पहली खिलाड़ी थीं। साल 2013 और 2014 में सिंधु ने कांस्य़ पदक जीता और फिर साल 2017 और 2018 में चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में पीवी सिंधु ने कुल 5 मेडल जीते।पीवी सिंधु ने एशियन गेम्स में भी दो मेडल जीते हैं। 2018 में जकार्ता में हुए एशियन खेलों में उन्होंने सिल्वर मेडल जीता था और साल 2014 में इंचियोन में हुए एशियाई खेलों में वह कांस्य पदक अपने नाम किया था। बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन में पीवी सिंधु को सबसे ज्यादा रैंकिंग नंबर हासिल हुआ। साल 2017 में भी उन्होंने यह रैंकिग अपने नाम की थी।

Jul 5, 2024 - 16:15
 0
PV Sindhu Birthday: विश्व चैंपियनशिप जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी हैं पीवी सिंधु, ऐसे की करियर की शुरूआत
आज यानी की 05 जुलाई को भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु अपना 29वां जन्मदिन मना रही है। वह भारत की प्रमुख बैडमिंटन खिलाड़ियों में से एक हैं। बता दें कि पीवी सिंधु ने साल 2011 में खेल में अपना डेब्यू किया था। जिसके बाद वह अपनी प्रतिभा के दम पर खुद को लोहा मनवाती चली गईं। आज के समय में वह भारत की प्रमुख स्पोर्ट्स महिलाओं की लिस्ट में शामिल हो गई हैं। उन्होंने लगभग हर बड़े कॉम्पटीशन में भारत के लिए मेडल जीता है और देश का नाम रोशन किया। आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर पीवी सिंधु के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

जन्म और शिक्षा
तेलंगाना के हैदराबाद में 05 जुलाई 1995 को पीवी सिंधु का जन्म हुआ था। वह एक खेल प्रेमी परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता का नाम पी.वी रमन्ना और मां का नाम पी, विजया है। पीवी सिंधु के माता-पिता दोनों ही वॉलीबॉल के खिलाड़ी रह चुके हैं। उनके पिता पी.वी रमन्ना को अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। अर्जुन पुरस्कार खेल में उत्कृष्टता के लिए दिया जाने वाला एक प्रमुख पुरस्कार है। ऐसे में पीवी सिंधु को अपने माता-पिता दोनों से ही खेल के लिए समर्थन मिला। 

पीवी सिंधु ने हैदराबाद के ऑक्सिलियम हाई स्कूल से अपनी शुरूआती शिक्षा पूरी की। फिर उन्होंने सेंट एन कॉलेज फॉर विमेन से आगे की पढ़ाई पूरी की। शुरूआत से ही खेल में दिलचस्पी और समर्पण होने के कारण उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ बैडमिंटन को प्राथमिकता दी।

करियर की शुरुआत
बता दें कि पीवी सिंधु ने बेहद कम उम्र से बैडमिंटन खेलना शुरूकर दिया था। वह महज 8 साल की उम्र से ही इस खेल को गंभीरता से लेने लगी थीं। खेल में करियर बनाने के लिए उन्होंने पुलेला गोपीचंद बैडमिंटन अकादमी में ट्रेनिंग लेना शुरूकर दिया था। उन्होंने गोपीचंद की देखरेख में अपनी खेल क्षमताओं को निखारने का काम किया और जल्द ही अपनी प्रतिभा का भी परिचय दिया। 
अपने नाम किए कई पदक
वैसे तो पीवी सिंधु ने कई बड़ी-बड़ी प्रतियोगिताओं में जीत हासिल की है। लेकिन साल 2016 का रियो ओलंपिक और साल 2020 का टोक्यो ओलंपिक उनके लिए सबसे खास रहा। साल 2016 में हुए रियो ओलंपिक में उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। वहीं 2020 के टोक्यो ओलंपिक में सिंधु ने कांस्य पदक जीता था। बता दें कि पीवी सिंधु दो ओलंपिक मेडल जीतने वाली पहली महिला भारतीय थीं।

इसके अलावा साल 2019 में बेसल में हुए वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में पीवी सिंधु ने गोल्ड मेडल जीता था। वह वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप जीतने वाली पहली खिलाड़ी थीं। साल 2013 और 2014 में सिंधु ने कांस्य़ पदक जीता और फिर साल 2017 और 2018 में चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में पीवी सिंधु ने कुल 5 मेडल जीते।

पीवी सिंधु ने एशियन गेम्स में भी दो मेडल जीते हैं। 2018 में जकार्ता में हुए एशियन खेलों में उन्होंने सिल्वर मेडल जीता था और साल 2014 में इंचियोन में हुए एशियाई खेलों में वह कांस्य पदक अपने नाम किया था। बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन में पीवी सिंधु को सबसे ज्यादा रैंकिंग नंबर हासिल हुआ। साल 2017 में भी उन्होंने यह रैंकिग अपने नाम की थी।